Skip to main content

अपनी वेबसाइट पर ट्रैफिक कैसे लाए?

अगर आपकी वेबसाइट अभी नई है और आप उसपर ट्राफिक ले कर आना चाहते है तो आप को ये जरूर जानना चाहिए. की ट्रैफिक कैसे लाए. तो आइए जानते है कि वेबसाइट पर ट्रैफिक कैसे लाए. 

वेबसाइट पर अगर आप को नई वेबसाइट होने के कारण ट्राफिक नहीं मिल पाता तो कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है. अगर आपकी वेबसाइट नई है तो ये होना लाजमी ही कि आप की वेबसाइट पर सर्च से ट्रैफिक ना भी आए. 

अगर आपको ऐसा होता है तो आपको अपनी वेबसाइट को अपने दोस्त अपने फेमिली मेंबर को भी शेयर कर सकते है.

आप अलग अलग वेबसाइट में बैकलिंक बना कर भी अपनी वेबसाइट पर ट्रैफिक ला सकते है.

अगर आप सोशल मिडिया में है तो आप वहा पर भी अपनी वेबसाइट को शेयर करके अपनी वेबसाइट पर ट्रैफिक लेके आ सकते है.

तो दोस्तो ये थी कुछ जानकारी वेबसाइट पर ट्रैफिक लाने के विषय में.

Comments

Popular posts from this blog

भारत के स्वदेशी सर्च इंजन। Establishment, founders, investment, speciality full history in hindi।

 हैलो दोस्तो,  आज के डिजिटल युग में सर्च इंजन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। गूगल जैसे वैश्विक सर्च इंजन ने बाजार पर कब्जा कर लिया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में भी कई सर्च इंजन बनाए गए हैं? भारतीय इंजीनियर्स और एंटरप्रेन्योर ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए कई स्वदेशी सर्च इंजन विकसित किए, जो स्थानीय जरूरतों और भाषाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए थे। हालांकि ये सर्च इंजन गूगल जितने लोकप्रिय नहीं हो पाए, लेकिन इन्होंने भारत के डिजिटल इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आइए, कुछ पुराने भारतीय सर्च इंजनों की कहानी जानते हैं। प्रमुख पुराने भारतीय सर्च इंजन 1. गुरुजी (Guruji.com) Establishment: 2006 Founders: अनुराग डोड और गौरव मिश्रा (आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र) Speciality: गुरुजी भारत का पहला क्रॉलर-आधारित सर्च इंजन था, जिसे विशेष रूप से भारतीय यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया था। यह हिंदी, तेलुगु, और कन्नड़ जैसी भाषाओं में सर्चिंग सपोर्ट करता था। इसमें म्यूजिक, फाइनेंस, सिटी, movies और pictures जैसे चीज़ें सर्च करने की सुविधा थी। गुरुजी ने भारतीय विषय वस्तु को प्रायोरि...

Synthetic Intelligence क्या है? Simple guide हिंदी में।

आज कल हर तरफ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ( AI ) और सिंथेटिक इंटेलीजेंस  का जिक्र हर जगह पर हो रहा है। लेकिन ये सिंथेटिक इंटेलीजेंस क्या है? क्या ये AI जैसा ही है? या कुछ और चलिए समझते है इस आर्टिकल के जरिए. सिंथेटिक इंटेलीजेंस क्या है?  सिंथेटिक इंटेलीजेंस एक नई और इमर्जिंग टेक्नोलोजी है जो आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का एक एडवांस्ड रूप है। ये कंप्यूटर्स और मशीन्स को इतना स्मार्ट बनाती है कि वो सिर्फ डेटा से सीख सके, बल्कि ह्यूमन जैसे सोचने, समझने और नए ideas क्रिएट करने की क्षमता भी रखता है। Defination : सिंथेटिक इंटेलीजेंस वो टेक्नोलोजी है जो मशीन्स को ह्यूमन - लेवल क्रिएटिविटी और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स देती है। Ex: एक सिंथेटिक इंटेलीजेंस टूल आपको नए टॉपिक्स और आर्टिकल सजेस्ट कर सकता है, ये images भी जनरेट कर सकता है बिना किसी ह्यूमन इनपुट के!!! Synthetic intelligence और Artificial Intelligence में क्या फरक है?  ये सवाल आपके दिमाग में जरूर आया होगा। चलो, एक छोटे से example से समझते है: Artificial intelligence (AI) : AI वो जो Netflix या YouTube पे आपको वीडियोस रिकमेंड करता है बेस्ड ऑन आपके...

क्या apple iphone और भी सस्ते हो सकते है?

 Hello दोस्तो, अभी कुछ ही दिनों में नया iphone iPhone Se 3 मार्केट में आ जाएगा. जो बताया जा रहा है कि एक बजेट स्मार्टफोन है एप्पल कंपनी कि तरफ से. उसकी कीमत करीब ₹45000 के आसपास बताई जा रही है. तो क्या आईफोन अब आने वाले कुछ सालो मे इससे भी सस्ते फोन निकाल सकता है? आइए बात करते है इसके बारे में... Apple के फोन लेने का सपना हम सब का होता है. क्युकी एप्पल अपने आईफोन और अपनी टेक्नोलॉजी में जरा भी चुंक नहीं होने देता. एप्पल ऐसे स्मार्टफोन बनाता है जिसको और एंड्रॉयड फोन बनाने वाली कंपनी नहीं बना सकती. एप्पल कि खास बात उस मोबाइल कि स्टेबिलिटी है. क्युकी अगर आप एप्पल iphone 4 भी लेके आज के समय में चलते तो वो आपको ऐसी ही फीलिंग देगा जो आपको उस समय देता था.  एप्पल कि और एक खास बात है उसका ऑपरेटिंग सिस्टम. एप्पल अपना खुदका ऑपरेटिंग सिस्टम IOS को अपने फोन मे इस्तेमाल करता है. जिससे उसके मोबाइल में एक जबरजस्त स्टेबिलिटी देखने को मिलती है. और एप्पल के मोबाइल काफी प्रीमियम होते है जिससे वो मोबाइल कि दुनिया में चार चांद लगा देता है. अब आते हे मुद्दे कि बात पर को क्या आईफोन एक एंड्रॉयड स्मार्ट...